संविदा वर्ग 2-Child पेडागोजी के Questions

एक बालक की  बुद्धिलब्धि 150 है   कहलायेगा ?

  • मंद बुद्धि
  • पिछड़ा बालक
  • प्रतिभाशाली
  • समस्यात्मक बालक
प्रतिभाशाली

 

बालक का शारीरिक , मानसिक , सामाजिक ,और संवेगात्मक विकास किस अवस्था में पुर्णतः को प्राप्त होता है ?

  • शैशवावस्था
  • युवावस्था
  • बाल्यावस्था
  • किशोरावस्था
किशोरावस्था

 

अभिप्रेरणा से सम्बन्धित व्यव्हार का लक्षण है?

  • उत्सुकता
  • दिवास्व
  • प्रत्याशायें
  • कुसमायोजन
उत्सुकता 

 

प्रारम्भिक कक्षाओं में सिखने की जिन विधियों को महत्व दिया है ,वह है :

  • निरिक्षण विधि
  • करके सीखना
  • भ्रमण विधि
  • वाद-विवाद विधि
करके सीखना 

 

निम्नलिखित में से कौन-सा चारित्रिक विकास का प्रतिक है ?

  • इच्छा  शक्ति
  • उत्तेजना
  • स्थायीभाव
  • आदतों का समूह
उत्तेजना 

 

व्यक्तिगत भिन्नता होती है-

  • व्यक्तित्व संबंधी
  • बौद्धिक
  •  शारीरिक
  • उपयुक्त में से कोई नहीं।
उपयुक्त में से कोई नहीं।

 

शरीर के आकर ओर स्वरूप शारीरिक कार्यो की गति संबंधी समताओ, बुद्धि, उपलब्धि ज्ञान, अभिव्रतियो और व्यक्तित्व के लक्षणों में माप की जा सकने वाली विभिन्न ताओ की उपस्थिति सिद्धि की जा चुकी है। यह कथन है-

  • टायलर का
  • स्किनर का
  •  स्पीयरमैन का
  •  थ्र्सटन का
टायलर का

 

व्यक्तिगत विभिन्नताओं से आधार पर शिक्षक को सहायता मिलती है-

  • छात्रों के वर्गीकरण में
  •  शैक्षिक व व्यवशायीक निर्देशन पर
  • शिक्षण विधि के चयन पर
  • उपयुक्त सभी में।
उपयुक्त सभी में।

 

मनोशारीरिक असमानताओं को कहा जाता है-

  • भग्नाशा
  • व्यक्तित्व
  •  समायोजन
  •  आंतरिक विभिन्नता
आंतरिक विभिन्नता

 

निम्न में से किसकी भूमिका पूर्व बाल्यावस्था में बालक के संवेगात्मक विकास हेतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?

  • पड़ोसियों की
  • अध्यापकों की
  • साथियों की
  • माता पिता की
माता पिता की

 

6 से 11 वर्ष के बालको को सीखने के लिए आवश्यक है-

  • रटने के अवसर।
  •  कक्षा में उच्च स्थान प्राप्त करने की प्रेरणा
  • शिक्षक द्वारा ज्ञान का स्थानांतरण
  • मूर्त क्रियाओ / अनुभवों की उपलब्धता
मूर्त क्रियाओ / अनुभवों की उपलब्धता

 

प्राथमिक कक्षा के बालकों के लिए शिक्षण की उपयुक्त विधि है।

  • खेल विधि
  •  अनुकरण विधि
  •  प्रयास व भूल विधि
  • व्याख्यान विधि
खेल विधि

 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में निर्दिष्ट किया गया है की कक्षा 1-5 तक यदि प्रवेश दिए गए विद्यार्थी की संख्या दो सौ से अधिक है तो विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात होगा।

  • 60
  • 50
  • 40
  • 30
40

 

बाह्य रूप से दो व्यक्ति एक समान हैं, लेकिन वे अन्य आंतरिक योग्यताओ की दृष्टि से समरूप नही है, ऐसी व्यक्तिगत विभिन्ता कहलाती है-

  •  बाह्य विभिन्ता
  •  व्यक्तित्व
  •  आंतरिक विभिन्ता
  • उपयुक्त कोई नहीं
आंतरिक विभिन्ता

 

बाल्यावस्था वह समय है जब व्यक्ति के आधारभूत दृष्टि कोणों, मूल्यों और आदर्शो का बहुन सीमा तक निर्माण होता है। यह कथन है –

  •  किलपैटरिक का
  • थार्नडाईक का
  • ब्लेयर, जोन्स व सिम्पसन का
  •  गैरट का
ब्लेयर, जोन्स व सिम्पसन का

 

पियाजे के अनुसार विकास की कितनी अवस्थाएं होती है-

  • 4
  • 8
  • 2
  • 3
03

 

अधिगम प्रभावशाली रूप में होती है यदि-

  •  बच्चा जो सीखता है उसे दुहराया जाये
  • बच्चा संतुष्टि अनुभव करे
  • बच्चो को सिखने ले लिए त्तपर किया जाये
  •  उपरोक्त सभी।
उपरोक्त सभी।

 

वृद्धि के बारे में क्या सही नही है?

  • अभिवृद्धि मात्रात्मक होती है।
  • अभिवृद्धि शारारिक होती है।
  • अभिवृद्धि जवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।
  • अभिवृद्धि मपनीय होती है।
अभिवृद्धि जवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।

 

निम्न में से कौन सा कथन शिक्षण के बारे में सत्य नही है?

  • शिक्षण विज्ञानं के साथ साथ कला भी है।
  • शिक्षण अनुदेशन है।
  • शिक्षण में सुधार किया जा सकता है।
  • शिक्षण औपचारिक एवं अनौपचारिक है।
शिक्षण अनुदेशन है।

 

क्रियात्मक अनुसंधान के संबन्ध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है?

  • यह किसी विशिष्ट समस्या में समाधान ले लिए किया जाता है।
  • यह अध्यापको एवं शिक्षा व्यवसाय से जुड़े लोगो के द्वारा किया जाता है।
  • स्थानीय स्तर पर रोजमर्रा की समस्याओ के समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसंधान किया जाता है।
  • व्यापक स्तर पर निर्णय लेने के लिए सुचना संकल न का कार्य इसमें किया जाता है।
व्यापक स्तर पर निर्णय लेने के लिए सुचना संकल न का कार्य इसमें किया जाता है।

 

ब्रूनर के अनुसार विकास की कितनी अवस्थाएं होती है?

  •  7
  •  5
  •  4
  •  6
04

 

करके सीखना किस अवस्था के लिए उपयुक्त है?

  • बाल्यावस्था
  • शैशावावस्था
  • किशोरावस्था
  • उपरोक्त सभी।
उपरोक्त सभी।

 

बालकों में किशोरावस्था का आरम्भ माना जाता है।

  •  12 वर्ष की आयु में
  • 10 वर्ष की आयु में
  •  6 वर्ष की आयु में
  • 18 वर्ष की आयु में
12 वर्ष की आयु में

 

बाल्यावस्था में व्यक्तित्व होता है

  • बहिर्मुखी
  • अंतर्मुखी
  • अंतर्मुखी एवं बहिर्मुखी दोनों
  •  उपरोक्त में से कोई नहीं।
बहिर्मुखी

 

जीवन का सबसे अनोखा काल कहा जाता है।

  •  भ्रुणावस्था
  •  शैशावावस्था
  • किशोरावस्था
  • बाल्यावस्था
बाल्यावस्था

 

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